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| IAS Sachin Kumar Vaishya |
किसी भी समाज की पहचान उसके संस्कारों और उसकी भावी पीढ़ी की उपलब्धियों से होती है। हमारे अग्रहरी समाज के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि समाज के एक होनहार रत्न, श्री सचिन कुमार वैश्य जी (IAS Sachin Kumar Vaishy) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज का नाम देश के सर्वोच्च स्तर पर रोशन किया है।
उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र का जनपद प्रतापगढ़ की मिट्टी ने देश को कई होनहार अफसर दिए हैं, लेकिन जब कोई युवा बेहद साधारण परिवेश से निकलकर अपनी मेधा और परिश्रम के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर ले, तो वह न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे समाज का गौरव बन जाता है। हम बात कर रहे हैं 2015 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी श्री सचिन कुमार वैश्य की, जो वर्तमान में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर आसीन हैं।
जड़ें और पारिवारिक पृष्ठभूमि, संघर्ष से सफलता तक
सचिन कुमार वैश्य का जन्म 18 जुलाई 1992 को, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज इलाके के छोटे से गांव सांगीपुर में हुआ। उनका परिवार बेहद साधारण है, जो अपनी जड़ों से गहराई तक जुड़ा हुआ है। पिता, श्री अनिल कुमार अग्रहरि, आज भी सांगीपुर बाजार में अपनी छोटी सी दुकान चलाते हैं। इलाके में एक सम्मानित व्यापारी के तौर पर उनकी पहचान है। वहीं, मां, श्रीमती अशोक कुमारी, ने घर-परिवार संभालते हुए अपने बच्चों में ईमानदारी और संस्कारों की मजबूत नींव रखी।
दिलचस्प बात यह है कि सचिन की इस बड़ी सफलता की कहानी में उनके पिता का भी एक सपना छिपा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि युवा अनिल जी ने भी कभी पुलिस की वर्दी पहनने का ख्वाब देखा था। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होने के लिए खूब मेहनत की, परीक्षा भी दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, वे पुलिस में शामिल नहीं हो सके। इसी कारण, आज भी क्षेत्र में लोग उन्हें प्यार और सम्मान से 'दरोगा जी' कहकर बुलाते हैं।
भले ही पिता के मन में पुलिस में भर्ती न हो पाने की एक हल्की सी कसक रह गई हो, लेकिन उनके बेटे सचिन ने सीधे IAS अधिकारी बनकर, उस अधूरे सपने को न सिर्फ पूरा किया, बल्कि उसे एक नई बुलंदी दे दी।
अग्रहरी (वैश्य) समाज से आने वाले सचिन जी ने बचपन से ही अपने पिता को कड़ी मेहनत करते देखा। एक व्यापारी परिवार में पले-बढ़े होने के नाते, उन्होंने धैर्य और परिश्रम का महत्व बहुत कम उम्र में ही समझ लिया था। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि माता-पिता का आशीर्वाद और बच्चों की लगन सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।
शिक्षा और सिविल सेवा का सफर
सचिन कुमार वैश्य की शैक्षणिक यात्रा किसी भी युवा के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग (B.Tech) में स्नातक की डिग्री हासिल की है और पब्लिक मैनेजमेंट में मास्टर्स (M.A.) भी किया है।
इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने देश सेवा का मन बना लिया था। उनकी तैयारी इतनी सटीक और संकल्प इतना दृढ़ था कि वर्ष 2015 की यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने मात्र 22 वर्ष की आयु में, अपने पहले ही प्रयास में 94वीं रैंक हासिल कर ली। इतनी कम उम्र में आईएएस बनकर उन्होंने साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
प्रशासनिक कौशल और कार्यशैली
एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के अधिकारी के रूप में सचिन जी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सबसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं।
लेह-लद्दाख: कोविड-19 महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया सहमी हुई थी, तब लेह के उपायुक्त (DC) के रूप में सचिन जी ने अद्भुत नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने सुदूर इलाकों तक राशन और दवाइयां पहुंचाईं, जिसकी प्रशंसा स्थानीय जनता आज भी करती है।
जम्मू और उधमपुर: जम्मू और उधमपुर के जिला उपायुक्त (DC) रहते हुए उन्होंने जन-शिकायतों के निवारण के लिए 'जनता दरबार' जैसे प्रयोग किए और प्रशासन को आम आदमी के दरवाजे तक पहुंचाया।
वर्तमान दायित्व : उनकी ईमानदारी और कार्यकुशलता को देखते हुए, अगस्त 2025 में उन्हें श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board) का सीईओ नियुक्त किया गया।
एक अधिकारी के तौर पर आईएएस सचिन कुमार वैश्य जी की पूरा कार्य विवरण
| क्र.सं. | पद / स्तर | मंत्रालय / विभाग / कार्यालय / स्थान | संगठन | अनुभव (मुख्य / गौण) | कार्यकाल (से – तक) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मुख्य कार्यकारी अधिकारी (उप सचिव समकक्ष) | माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जम्मू | कैडर (AIS) | लोक प्रशासन / लोक प्रशासन | 08/08/2025 – वर्तमान तक |
| 2 | उपायुक्त सह जिला मजिस्ट्रेट (सीनियर टाइम स्केल) | कलेक्टरेट, जम्मू | कैडर (AIS) | भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन / भूमि अधिग्रहण | 21/08/2023 – 08/08/2025 |
| 3 | उपायुक्त सह जिला मजिस्ट्रेट (सीनियर टाइम स्केल) | कलेक्टरेट, उधमपुर | कैडर (AIS) | भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन / जिला प्रशासन | 01/05/2023 – 21/08/2023 |
| 4 | उपायुक्त सह जिला मजिस्ट्रेट (सीनियर टाइम स्केल) | कलेक्टरेट, शोपियां | कैडर (AIS) | भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन / जिला प्रशासन | 18/02/2021 – 30/04/2023 |
| 5 | उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट (सीनियर टाइम स्केल) | कलेक्टरेट, लेह (लद्दाख) | कैडर (AIS) | भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन / जिला प्रशासन | 02/08/2019 – 17/07/2021 |
| 6 | अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (सीनियर टाइम स्केल) | कलेक्टरेट, लेह (लद्दाख) | कैडर (AIS) | कानून एवं व्यवस्था / अपराध | 20/02/2019 – 02/08/2019 |
| 7 | उप कलेक्टर / एस.डी.एम. (जूनियर स्केल) | उपमंडल, खाल्त्से (लेह) | कैडर (AIS) | कानून एवं व्यवस्था / अपराध | 31/10/2017 – 19/02/2019 |
| 8 | उपलब्ध नहीं | — | कैडर (AIS) | — | 30/09/2017 – वर्तमान तक |
| 9 | सहायक सचिव (जूनियर स्केल) | पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, केंद्र | जल संसाधन | जल संसाधन / पेयजल | 03/07/2017 – 29/09/2017 |
| 10 | प्रशिक्षणाधीन (जूनियर स्केल) | — | कैडर (AIS) | लागू नहीं / उपलब्ध नहीं | 07/09/2015 – 29/09/2017 |
सचिन जी अपनी जड़ों को कभी नहीं भूले। उन्होंने सरकारी दस्तावेजों में अपने नाम को "सचिन कुमार वैश्य" के रूप में दर्ज कराकर अपनी सामाजिक पहचान को गर्व के साथ स्थापित किया है।
आज अग्रहरी समाज को अपने इस लाल पर गर्व है। सचिन कुमार वैश्य जी हमारे समाज के हजारों युवाओं के लिए एक चलती-फिरती प्रेरणा हैं। हम, हमारा अग्रहरी समाज, IAS सचिन की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। ईश्वर उन्हें और अधिक शक्ति दे ताकि वे इसी तरह समाज और राष्ट्र की सेवा करते रहें।



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